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कोरोना काल में भी छात्रों को क्यों हो रही इतनी परेशानीयां...


|ब्यूरो न्यूज| देश  में जिस तरह कोरोना अपनें पैर पसार रहा है उसे देख कर हर कोई परेशान है, देश के बड़े व्यापारियों से ले कर छोटे किसानों तक कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे में इन सबसे छात्र वर्ग भी अछूता नहीं है!
प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्रों को जनरल प्रमोशन मिलनें के बाद तृतीय एवं अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को परीक्षा दिलाने के आदेश के कारण छात्र एवं परिजनों में एक असमंजस की भावना देखनें को मिली है, अगर छात्र परीक्षा देनें जाते हैं तो उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है! 

क्या क्या परेशानियों का सामना करना पडेगा छात्रों को:-

यदि परीक्षाओं का आयोजन आफलाईन माध्यमों से संपन्न कराया जाएगा तो छात्रों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पडेगा जिनमें ;- 
1.) सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा से होकर गुजरना, 
2.) अलग अलग जिलों के छात्रों का एक ही रुम में ठहरना, 
3.) कई रूमों में 4 से 5 छात्रों का एक साथ ठहरना, 
4.) जिस जगह छात्रों का काॅलेज स्थापित है वहाँ पुर्व में कोरोना पाॅजिटीव मरीजों का मिलना, 
5.) दूर-दराज़ से आए छात्रों के प्रति स्थानीय लोगों के मन में डर की भावना का होना, 
6.) कोरोना पाॅजिटीव मरीजों के मिलनें से परिजनों के मन में डर का बनें रहना, 
7.) छात्रों के प्रति दूकानदारों का व्यवहार तथा यातायात की समस्या, 
कई काॅलेज दूरस्थ इलाकों में संचालित हो रहे हैं ऐसे में यदि छात्रों को आफलाईन माध्यमों से परीक्षा देना पड़ेगा तो उनके ने जानें की समस्या सबसे प्रमुख समस्या बन सकती हैं! 

वहीं यदि परीक्षाओं का आयोजन आनलाईन माध्यमों से संपन्न कराया जाएगा तो छात्रों को इनमें भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पडेगा जिसमें ;- 
1.) मौसम की मार, 
2.) लाईट तथा फोन की बैटरी संबंधी समस्याएं, 
3.) मोबाईल नेटवर्क की समस्या, 
4.) ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के पास फोन की उपलब्धता न होना, 
5.) गरीब परिवार के छात्रों के पास रिचार्ज के लिए पर्याप्त पैसे न होना, 
6.) पढाई हेतु पर्याप्त व्यवस्थाएँ न होना, 
7.) इंजिनियरिंग के छात्रों के पास कैल्कुलेटर न होना (अचानक हुए लाकडाउन में अधिकांश छात्रों ने कैल्कुलेटर या अन्य वांछित सामाग्री ले जानें में असमर्थ थे!)
सिर्फ इतना ही नहीं छात्रों की सबसे बड़ी समस्या यह भी है कि लाॅकडाॅउन के बाद सभी अपनें अपनें घर चले गए हैं, परन्तु जो छात्र रूम किराये पर लेकर रह रहे थे उनके रूम मालिक अब उनसे किराया मांग रहे हैं, ऐसे में छात्रों की स्थिति अत्यंत चिंतनीय हो गई है! 

बहोत से छात्रों के एक माह का किराया ही 6000 तक है ऐसे में लाॅकडाॅउन के बाद आई आर्थिक समस्या से सारा देश जुझ रहा है, सरकार को या तो सभी छात्रों का किराया माफ कर देना चाहिए या फिर आधा कर देना चाहिए जिससे आर्थिक संतुलन बना रहे...!